151 दिन बाद कुख्यात सूदखोर ‘रूबी तोमर’ गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला जुलूस..

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रायपुर । राजधानी रायपुर के कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र उर्फ रूबी तोमर को पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। रूबी तोमर पिछले 151 दिनों से फरार था और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस टीम ने उसे सड़क मार्ग से रायपुर लाकर कस्टडी में लिया, जहां गिरफ्तारी के बाद उसका इलाके में जुलूस निकाला गया। इस दौरान रूबी तोमर बनियान पहने नजर आया और लोगों के सामने कहा — “गुंडागर्दी पाप है, पुलिस हमारी बाप है।”

ज्वेलर से ब्याजखोरी और धमकी का खेल

मामला तब शुरू हुआ जब ज्वेलर जयकुमार बदलानी ने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बदलानी ने बताया कि उसने रूबी तोमर और उसके भाई रोहित सिंह तोमर से 5 लाख रुपए कर्ज लिया था, जिसके बदले 1.75 लाख रुपए ब्याज के रूप में चुका भी दिए। बाकी रकम किस्तों में दी जा रही थी, बावजूद इसके तोमर भाई उसकी दुकान पर बार-बार आते और जबरन पैसे वसूलते थे।

कर्ज के हिसाब में धोखाधड़ी का अंदाजा तब लगा जब बदमाशों ने व्यापारी से 5 लाख के बदले 2 करोड़ 5 लाख रुपए मांगे और रकम नहीं देने पर बेटे को मारने की धमकी दी। थक-हारकर व्यापारी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर रोहित सिंह तोमर, रूबी तोमर, कमल नारायण कुर्रे, विनोद चौरसिया और आर्यन उर्फ संतोष हबलानी को गिरफ्तार किया था। वहीं आरोपी वेद प्रकाश सिंहा फरार हो गया था, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही थी।

7 लाख वसूले, फिर भी बोले “पैसा बाकी है”

एक अन्य व्यापारी ने भी तोमर भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 3.5 लाख रुपए कर्ज लेकर 4 लाख चुका देने के बाद भी बदमाश धमकाने लगे। बाद में उन्होंने 7 लाख रुपए जबरन वसूल लिए, लेकिन फिर भी कहते रहे कि “पैसा बाकी है।” शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

घर में घुसकर करते थे गाली-गलौच और मारपीट

पीड़ित के अनुसार, कर्ज देते समय आरोपियों ने उससे चेक और एग्रीमेंट पर जबरन हस्ताक्षर कराए थे, जिन्हें अब तक वापस नहीं किया गया। दबाव और धमकियों से तंग आकर पीड़ित ने अपनी ज्वेलरी दुकान बंद कर दी। इसके बावजूद आरोपी उसके घर पहुंचकर गाली-गलौच और मारपीट करते रहे।

लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी वेद प्रकाश सिंहा को भी पुलिस ने हाल ही में पकड़ लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

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