बिरनपुर हिंसा मामले में 17 आरोपी बरी, 3 साल बाद कोर्ट ने सुनाया निर्णय

0
16

बेमेतरा । वर्ष 2023 में हुए बिरनपुर हिंसा मामले में जिला सत्र न्यायालय ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार 17 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब छत्तीसगढ़ बंद के दौरान भड़की हिंसा के बाद बकरी चरवाहा पिता-पुत्र रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद के शव कोरवाय गांव के एक खेत में मिले थे।

कैसे भड़की थी हिंसा

बिरनपुर में विवाद की शुरुआत दो बच्चों के बीच मामूली झगड़े से हुई थी, जो धीरे-धीरे सांप्रदायिक तनाव में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा से जुड़े 22 वर्षीय भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। इसी दौरान रहीम मोहम्मद और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद की भी हत्या कर दी गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू की और करीब दो सप्ताह तक क्षेत्र में कर्फ्यू रहा। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

CBI जांच और चार्जशीट

फरवरी 2024 में राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई। 30 सितंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट में CBI ने स्पष्ट किया कि मामला राजनीतिक साजिश से जुड़ा नहीं था। चार्जशीट में पूर्व विधायक अंजोर यदु का नाम शामिल नहीं किया गया, जबकि इस पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे।

सियासी घमासान

घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी जमकर बयानबाजी हुई। भारतीय जनता पार्टी ने तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताया। विधानसभा में भी यह मामला जोर-शोर से उठा।

अब कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है। हालांकि अभियोजन पक्ष के अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here