
मलबे में कई बच्चों के दबे होने की आशंका, राहत और बचाव अभियान जारी; प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पेशावर/नई दिल्ली । पाकिस्तान के पेशावर में एक दर्दनाक हादसे में निजी स्कूल की छत गिरने से 28 विद्यार्थियों और एक शिक्षिका की मौत हो गई। हादसा शहर के दीर कॉलोनी इलाके में हुआ। घटना में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल मलबा हटाने तथा उसमें फंसे बच्चों और स्कूल कर्मचारियों की तलाश में जुटे हैं।
लेडी रीडिंग अस्पताल में आपात स्थिति घोषित
लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम के अनुसार, हादसे में 28 विद्यार्थियों की मौत हुई है। मृत विद्यार्थियों में छह लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा एक शिक्षिका की भी जान चली गई। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में आपात स्थिति घोषित की गई है।
मलबे में फंसे बच्चों की तलाश जारी
हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कई बच्चों के फंसे होने की आशंका है। घायलों को लगातार अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। बचाव अभियान जारी रहने के बीच अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। स्कूल की छत गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।















