पंजाब: दो सदियों बाद फिरोजपुर किला आम जनता के लिए खुला
राष्ट्रीय विरासत के संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारतीय सेना की गोल्डन एरो डिवीजन ने रविवार को ऐतिहासिक फिरोजपुर किले को दो सौ वर्षों के बाद पहली बार आम जनता के लिए खोल दिया।


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जून 02, नई दिल्ली: राष्ट्रीय विरासत के संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारतीय सेना की गोल्डन एरो डिवीजन ने रविवार को ऐतिहासिक फिरोजपुर किले को दो सौ वर्षों के बाद पहली बार आम जनता के लिए खोल दिया। यह किला अब सीमावर्ती पंजाब की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को उजागर करने का नया केंद्र बनेगा।
किले के उद्घाटन समारोह में गोल्डन एरो डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल आरएस मनराल, एसएम, वीएसएम, स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर बिक्रम सिंह और अन्य सैन्य व नागरिक अधिकारी, स्थानीय ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सिख साम्राज्य की सैन्य विरासत का प्रतीक
भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित यह किला सिख शासनकाल की 19वीं सदी की सैन्य वास्तुकला का अद्वितीय उदाहरण है। इसका षटकोणीय (हेक्सागोनल) डिज़ाइन और मजबूत रक्षात्मक ढांचा तत्कालीन रणनीतिक कौशल को दर्शाता है। यह किला सिख राज के दौरान सीमांत सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा रहा है और 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का भी साक्षी है।
स्वतंत्रता संग्राम से गहरा संबंध
फिरोजपुर क्षेत्र का स्वतंत्रता संग्राम में विशेष योगदान रहा है। इसने ऐसे कई क्रांतिकारियों को जन्म दिया जिन्होंने औपनिवेशिक शासन का साहसपूर्वक विरोध किया। किला और उसके आसपास के इलाकों में कई ऐतिहासिक घटनाएं घटी हैं, जो देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक हैं।
शिक्षा से जोड़ा गया किला
सेना की एक अन्य पहल के तहत आर्मी पब्लिक स्कूल, फिरोजपुर ने इस ऐतिहासिक धरोहर को शोध एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए गोद लिया है। स्कूल के दो छात्रों ने इस अवसर पर आगंतुकों को किले की जानकारी देते हुए एक गाइडेड टूर आयोजित किया, जो युवाओं को विरासत संरक्षण से जोड़ने का प्रयास है।
सेना की पहल से विरासत पर्यटन को बल
मेजर जनरल मनराल ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रयास भारतीय सेना की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय विरासत को संरक्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
भारतीय सेना को उम्मीद है कि अब बड़ी संख्या में पर्यटक फिरोजपुर किले का दौरा करेंगे और इसके गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर पाएंगे। यह पहल पंजाब के सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन मानचित्र पर फिरोजपुर को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।































