झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन

0
27

नई दिल्ली । झारखंड के जननायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी देखरेख एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम कर रही थी जिसमें न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर शामिल थे।

शिबू सोरेन पिछले एक वर्ष से डायलिसिस पर थे। उन्हें किडनी की बीमारी, डायबिटीज और दिल की समस्याएं थीं। हृदय की बायपास सर्जरी भी हो चुकी थी। सोमवार को उनके निधन की खबर आने के साथ ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। उनके बेटे और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा— गुरुजी अब नहीं रहे… उन्होंने हम सभी को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

 

शिबू सोरेन को झारखंड की राजनीति में ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता था। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और राज्य को अलग पहचान दिलाने की लड़ाई में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में जन्मे शिबू सोरेन ने बचपन में ही अपने पिता को खो दिया था। उनके पिता की हत्या गांव के महाजनों ने कर दी थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष का रास्ता चुना।

वह यूपीए-1 सरकार में केंद्रीय कोयला मंत्री भी रहे। हालांकि चिरूडीह हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके जीवन की कहानी संघर्ष, बलिदान और नेतृत्व की मिसाल है। आज झारखंड ने न केवल एक नेता, बल्कि एक आंदोलनकारी पिता-पुरुष को खो दिया।

0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here