आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया आरोप मुक्त

0
101

अब हाईकोर्ट जाएगी सीबीआई


नई दिल्ली

✦
✧
✦
🪔 FESTIVE GREETINGS 🪔
Alok Pandey Festival Greetings
✨ दीपावली एवं सभी पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨
✺

 

 बहुचर्चित दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में शुक्रवार को बड़ी कानूनी राहत मिली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई आरोपियों को सीबीआई मामले में आरोप मुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया किसी आपराधिक षड्यंत्र के पर्याप्त आधार नहीं मिले।

हालांकि केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अभी कोई राहत नहीं मिली है। अदालत का यह आदेश सीबीआई की ओर से दायर मामले में सुनाया गया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक एजेंसी इस फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगी।

12 फरवरी को सुरक्षित रखा गया था फैसला

इससे पहले 12 फरवरी को विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने आरोप तय करने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दलील दी थी कि पहली चार्जशीट और पूरक आरोप पत्र में साजिश के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। वहीं केजरीवाल, सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों की ओर से आरोपों को निराधार बताया गया।

सीबीआई का आरोप था कि तथाकथित “साउथ लॉबी” ने दिल्ली की आबकारी नीति को अपने पक्ष में कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। बचाव पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। यह भी तर्क दिया गया कि उनका नाम शुरुआती चार्जशीट में नहीं था, बल्कि बाद में पूरक चार्जशीट में जोड़ा गया।

क्या है आबकारी नीति मामला?

कोविड काल के दौरान लागू की गई ‘दिल्ली आबकारी नीति 2021-22’ के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। आरोपों के बीच सरकार ने नीति को वापस ले लिया था।

सीबीआई ने अगस्त 2022 में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियागत गड़बड़ियों को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की अलग से जांच शुरू की। जहां सीबीआई की जांच नीति निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं पर केंद्रित रही, वहीं ईडी धन शोधन के पहलुओं की जांच कर रही है।

फैसले के बाद केजरीवाल की प्रतिक्रिया

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने सभी आरोप खारिज कर दिए हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक प्रेरित था और सत्य की जीत हुई है।

अब सीबीआई के हाईकोर्ट जाने की तैयारी के बीच यह मामला एक बार फिर कानूनी बहस के केंद्र में आ गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here