नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारें चुनावों से आगे कभी नहीं सोचती थीं। उनका मानना था कि तकनीक विकसित करना उन्नत देशों का काम है और जरूरत पड़ने पर भारत उसे आसानी से आयात कर लेगा, लेकिन 2014 के बाद भारत ने अपना नजरिया बदल दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने अपनी दृष्टिकोण बदली, इसलिए हमने अपना पूरा 5जी स्टैक देश में ही विकसित किया। अब हम तेजी से मेड-इन-इंडिया 6जी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1979 से 2014 तक भारत में सिर्फ 42 मिशन पूरे हुए थे। आपको ये जानकर खुशी होगी कि पिछले 11 सालों में 60 से ज्यादा मिशन पूरे हो चुके हैं। आने वाले समय में कई सारे मिशन लाइनअप हैं।

उन्होने कहा कि आज नेशनल स्पेस डे भी है, मैं आप सभी को इसकी शुभकामनाएं देता हूं। 2014 से पहले स्पेस मिशन भी सीमित होते थे और उनका दायरा भी सीमित था। आज 21वीं सदी में जब हर बड़ा देश अंतरिक्ष की संभावनाओं को तलाश रहा है, तो भारत कैसे पीछे रहता? इसलिए हमने स्पेस सेक्टर में सुधार भी किए और उसे प्राइवेट सेक्टर के लिए भी खोल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष, भारत ने अंतरिक्ष डॉकिंग की क्षमता हासिल की, जो हमारे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब, देश गगनयान मिशन के माध्यम से अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है, जहां ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अंतरिक्ष क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए, इसे प्रतिबंधों से मुक्त करना आवश्यक था। पहली बार निजी भागीदारी के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए।
























