इस्लामाबाद/नई दिल्ली । पाकिस्तान में अशांति थमने का नाम नहीं ले रही। बलूचिस्तान में जारी बगावत के बीच अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी सुलग उठा है। हजारों लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। हालात को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने पीओके में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए हैं। विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च हो रहा है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
अवामी एक्शन कमेटी का आंदोलन

पीओके में नागरिक संगठन अवामी एक्शन कमेटी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। इसके तहत सभी बाजार और परिवहन ठप हैं। समिति ने 38 बिंदुओं वाला चार्टर जारी कर प्रशासनिक ढांचे में सुधार की मांग रखी है।
प्रमुख मांगों में—
पीओके विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म करना।
मंगला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से सस्ती बिजली उपलब्ध कराना।
पाकिस्तान सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करना शामिल है।
अधिकार दो या गुस्सा सहो
अवामी एक्शन कमेटी के नेता शौकत नवाज मीर ने कहा, “हम किसी संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने बुनियादी अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं। 70 साल से हमें अधिकार नहीं मिले। अब या तो हमें अधिकार दो या जनता का गुस्सा सहने के लिए तैयार रहो।”
सरकार की सख्ती, 13 घंटे की बैठक भी बेनतीजा
पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरत रही है। पंजाब से बड़ी संख्या में सुरक्षाबल पीओके भेजे गए हैं। हालात संभालने के लिए पीओके प्रशासन, प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तान सरकार के बीच 13 घंटे लंबी बैठक भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।
लंबा खिंच सकता है विरोध
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मुजफ्फराबाद में व्यापारियों ने रविवार को दुकानें खोलीं ताकि लोग घरों में राशन जमा कर सकें। माना जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन लंबे समय तक चल सकते हैं। हालांकि इस समय स्थिति शांत है, लेकिन तनाव लगातार बना हुआ है।
























