सूरजपुर उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में 22 मार्च 2026 को राज्यव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिले में परीक्षा के सफल संचालन के लिए राज्य, संभाग और जिला स्तर पर कई बैठकें आयोजित की गई हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में परीक्षा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जिला परियोजना अधिकारी डॉ. मोहन साहू ने बताया कि इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे असाक्षर शामिल होंगे जो उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययन कर रहे हैं। इसके अलावा वे नवसाक्षर भी परीक्षा में भाग लेंगे, जो पढ़ना-लिखना अभियान या उल्लास कार्यक्रम के तहत पहले महापरीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन किसी कारणवश राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली से प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर सके। साथ ही लंबे अंतराल के कारण जिन लोगों को पढ़ना-लिखना या दैनिक जीवन में उपयोगी जोड़-घटाना भूल गया है, उन्हें भी इस परीक्षा में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से स्वयंसेवी भावना और कर्तव्यबोध पर आधारित है। इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी शिक्षार्थी के रूप में जोड़ा जाएगा। शासन की ओर से प्रावधान किया गया है कि यदि छात्र 10 असाक्षरों को साक्षर बनाते हैं तो उन्हें स्थानीय और बोर्ड परीक्षाओं में 10 अंकों का बोनस दिया जाएगा।
उल्लास साक्षरता केंद्रों का संचालन मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी, स्व-सहायता समूह के सदस्य तथा पहले से साक्षर हो चुके नवसाक्षरों के सहयोग से किया जाएगा।
























