तेल की ऊंची कीमतों के बीच ONGC में निवेश का मौका, OMC कंपनियों पर दबाव बरकरार ?

0
24
तेल की ऊंची कीमतों के बीच ONGC में निवेश का मौका, OMC कंपनियों पर दबाव बरकरार ?
तेल की ऊंची कीमतों के बीच ONGC में निवेश का मौका, OMC कंपनियों पर दबाव बरकरार ?

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने एक बार फिर ऊर्जा सेक्टर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इस स्थिति का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ रहा है, जिनमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन शामिल हैं।

इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी नहीं कर पा रही हैं। इसका कारण राजनीतिक और सामाजिक दबाव है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम जनता और महंगाई पर पड़ता है। ऐसे में जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो OMC कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ जाता है

OMC कंपनियों के लिए क्यों मुश्किल है स्थिति?

पिछले कुछ वर्षों में OMC कंपनियों ने असामान्य रूप से अधिक मार्केटिंग मार्जिन का लाभ उठाया था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। ब्रोकरेज हाउस CLSA के अनुसार, वाहन ईंधन के लिए ब्रेक-ईवन ब्रेंट स्तर लगभग 75-80 डॉलर प्रति बैरल के बीच माना जाता है। मौजूदा कीमतें इस स्तर से काफी ऊपर हैं, जिससे कंपनियों के लिए संतुलित मुनाफा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो OMC कंपनियों को या तो घाटा सहना पड़ सकता है या फिर उन्हें कीमतों में वृद्धि करनी पड़ेगी। हालांकि, निकट भविष्य में कीमत बढ़ाने की संभावना कम दिखती है। यही वजह है कि निवेशकों के लिए OMC स्टॉक्स फिलहाल जोखिम भरे माने जा रहे हैं।

ONGC में दिख रहा है मजबूत अपसाइड ?

दूसरी ओर, अपस्ट्रीम कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) इस माहौल में बेहतर स्थिति में नजर आ रही है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा ONGC जैसी कंपनियों को मिलता है, क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा तेल और गैस के उत्पादन से आता है। CLSA ने ONGC पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस 315 रुपये से बढ़ाकर 405 रुपये कर दिया है। वर्तमान स्तर (करीब 270 रुपये) से यह लगभग 65% तक का संभावित रिटर्न दर्शाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें निकट भविष्य में 75-80 डॉलर से नीचे आने की संभावना कम है, जिससे ONGC की कमाई मजबूत बनी रह सकती है।

तेल की ऊंची कीमतों के बीच ONGC में निवेश का मौका, OMC कंपनियों पर दबाव बरकरार ?
तेल की ऊंची कीमतों के बीच ONGC में निवेश का मौका, OMC कंपनियों पर दबाव बरकरार ?

ONGC के लिए एक और सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनी की लागत संरचना अपेक्षाकृत स्थिर है। ऐसे में तेल की कीमतों में हर बढ़ोतरी सीधे उसके मुनाफे में जुड़ती है। इसके अलावा, सरकार की नीतियों और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर भी ONGC के लिए लंबी अवधि में फायदेमंद साबित हो सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

वर्तमान परिदृश्य में निवेशकों को सेक्टर के भीतर सही चयन करना बेहद जरूरी है। जहां OMC कंपनियां दबाव में हैं, वहीं ONGC जैसी अपस्ट्रीम कंपनियां बेहतर अवसर प्रदान कर सकती हैं। हालांकि, निवेश से पहले वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और सरकारी नीतियों पर नजर रखना जरूरी होगा। कुल मिलाकर, तेल की बढ़ती कीमतों का असर पूरे सेक्टर पर समान नहीं है। जहां कुछ कंपनियों के लिए यह चुनौती है, वहीं दूसरों के लिए यह अवसर बनकर सामने आ रहा है। ONGC इस समय उसी अवसर का प्रतिनिधित्व करती नजर आ रही है, जो निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दे सकती है।

और पढ़े – ₹5700 करोड़ के निवेश से इंडोनेशिया में जिंदल स्टेनलेस की बड़ी छलांग, वैश्विक बाजार में मजबूत हुई पकड़ ?

0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here