दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने का जज़्बा हर प्रवासी भारतीय के दिल में खास जगह रखता है। यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अपनेपन से भरी मुलाकातों, पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट और संस्कृति से जुड़ाव का सफर है। लेकिन हर साल इन त्योहारों के मौसम में रेलवे में टिकटों की मारामारी, भीड़ और बढ़ते किराए की शिकायतें आम हो जाती हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे का राउंड ट्रिप पैकेज योजना के तहत वापसी टिकट पर 20% छूट देना एक स्वागतयोग्य पहल है।


यह योजना न सिर्फ यात्रियों के लिए राहत है, बल्कि रेलवे के लिए भी एक समझदारी भरा कदम है। जब लोग एक साथ आगे और वापसी की टिकट बुक करेंगे, तो रेलवे को अपने संसाधनों की बेहतर योजना बनाने का मौका मिलेगा। त्योहारों में अक्सर देखा जाता है कि एक दिशा में ट्रेनें खचाखच भरी होती हैं जबकि दूसरी दिशा में सीटें खाली रह जाती हैं। राउंड ट्रिप पैकेज इस असंतुलन को कम करने में मदद करेगा।
हालांकि योजना के कुछ नियम जैसे टिकट का रिफंड न होना और यात्रा में बदलाव की अनुमति न देना, यात्रियों के लिए चुनौती बन सकते हैं। अचानक योजनाओं में बदलाव की स्थिति में यह परेशानी का कारण हो सकता है। फिर भी, किराए में छूट और एडवांस बुकिंग नियम में ढील जैसे फायदे यात्रियों के लिए बड़ी राहत हैं।
जरूरी है कि रेलवे इस योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दे, ताकि अधिक से अधिक यात्री इसका लाभ उठा सकें। साथ ही, तकनीकी खामियों से बचने के लिए IRCTC प्लेटफॉर्म की क्षमता और उपयोगिता भी बढ़ाई जाए।
कुल मिलाकर, यह कदम त्योहारों में “घर वापसी” के सफर को न सिर्फ सस्ता, बल्कि ज्यादा आरामदायक और सुनिश्चित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। उम्मीद है, आने वाले वर्षों में रेलवे ऐसी योजनाओं को और व्यापक रूप में लागू करेगा, ताकि हर यात्री अपने गंतव्य तक बिना भीड़ और तनाव के पहुंच सके।
