
रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ का तीसरा सप्ताह आज से शुरू हो गया है। अभियान के तहत पुलिस लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी देगी।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पुलिस कॉल से बचने की जानकारी
तीसरे सप्ताह के अभियान में खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचाव के बारे में बताया जाएगा। पुलिस अधिकारी बनकर फोन करने और किसी अपराध में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने जैसी घटनाओं से बचने के तरीके भी समझाए जाएंगे।
पुलिस लोगों को यह भी बताएगी कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर डरकर या दबाव में आकर अपनी निजी अथवा बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
बैंकिंग जानकारी साझा करने से सावधान रहने की अपील
अभियान के दौरान बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई और अन्य वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। पुलिस साइबर ठगी के सामान्य तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगी।
छत्तीसगढ़ पुलिस का यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया गया था। इसके माध्यम से अलग-अलग वर्गों के लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने और डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के झांसे में न आएं और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत करें।
















