कांकेर में IED ब्लास्ट: डीआरजी के तीन जवान शहीद

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कांकेर (छत्तीसगढ़)। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए।


क्या हुआ था?

  • डीआरजी की टीम कांकेर–नारायणपुर बॉर्डर इलाके में ऑपरेशन पर थी
  • नक्सलियों के छिपाए गए डंप (हथियार/सामग्री) की तलाश की जा रही थी
  • इसी दौरान जवान IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को निष्क्रिय कर रहे थे
  • अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए

घायलों को तुरंत जंगल से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया


पुलिस की पुष्टि

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुन्दरराज ने घटना की पुष्टि की है।


IED क्यों खतरनाक होते हैं?

IED यानी Improvised Explosive Device एक देसी बम होता है, जिसे नक्सली अक्सर

  • सड़कों के नीचे
  • जंगल के रास्तों में
  • या ऑपरेशन क्षेत्रों में छिपाकर रखते हैं

इन्हें निष्क्रिय करना बेहद जोखिम भरा होता है, और छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।


स्थिति और आगे की कार्रवाई

  • इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है
  • अन्य संभावित IED की तलाश जारी
  • सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है

यह घटना एक बार फिर बताती है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे जवान किस तरह हर दिन जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा में लगे रहते हैं।

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