
बेंगलुरू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सेवा, अध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण और युवा सशक्तीकरण को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया।
बेंगलुरू स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि धरती माता को रासायनिक उर्वरकों से बचाना भी “आर्ट ऑफ लिविंग” का ही हिस्सा है।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों ने खेतों को कमजोर किया है और धरती माता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक खेती अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा:
“आज बीमारी में भी लोग प्राकृतिक उपचार खोज रहे हैं। हमारी धरती माता को भी प्राकृतिक उपचार की जरूरत है।”
युवाओं को बताया विकसित भारत की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण ऐसे युवा करेंगे जो मानसिक रूप से शांत, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और समाज के प्रति संवेदनशील हों।
उन्होंने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति, अंतरिक्ष तकनीक और बुनियादी ढांचे में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है।
समाज की भागीदारी को बताया जरूरी
मोदी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र निर्माण में समाज की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता।
‘मिशन लाइफ’ का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘मिशन लाइफ’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह जिम्मेदार और संतुलित जीवनशैली का प्रतीक है।
उन्होंने लोगों से:
- जल संरक्षण
- बिजली बचत
- एकल-उपयोग प्लास्टिक से दूरी
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
देने की अपील भी की।
नए ध्यान केंद्र का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ परिसर में नए ध्यान केंद्र का उद्घाटन भी किया और संगठन की सामाजिक एवं आध्यात्मिक सेवाओं की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा हमेशा मानवता की सेवा से जुड़ी रही है और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।



















