छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘खेत बचाओ अभियान’, प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण पर रहेगा फोकस

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रायपुर

देशभर में कृषि भूमि के संरक्षण और किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू हो गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से इस अभियान का शुभारंभ किया।

एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की अपील की।

छत्तीसगढ़ में भी अभियान की शुरुआत

छत्तीसगढ़ में भी आज से “खेत बचाओ अभियान” शुरू हो गया है। कृषि मंत्रालय के इस विशेष अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

गांव-गांव होंगे जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के दौरान ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर कृषक संगोष्ठी, कृषि चौपाल और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कृषि वैज्ञानिक किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान और प्राकृतिक खेती के फायदों के बारे में जानकारी देंगे।

प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किया जाएगा प्रेरित

किसानों को अपनी कृषि भूमि के कम से कम एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही मृदा स्वास्थ्य सुधारने और उत्पादन लागत कम करने के उपायों की भी जानकारी दी जाएगी।

कालाबाजारी पर रहेगी नजर

अभियान के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। प्रशासनिक और कृषि विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

कृषि विभाग का मानना है कि यह अभियान किसानों को टिकाऊ खेती की ओर बढ़ाने और कृषि भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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