
रायपुर रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए मादक पदार्थ तस्कर रूपिंदर सिंह उर्फ पिंदर उर्फ पाबलो की करीब 15 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज (सीज) करवाई है।
मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने दी मंजूरी
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी ने आरोपी की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी है।
10 साल की सजा पा चुका है आरोपी
मुख्य आरोपी के खिलाफ थाना कबीर नगर में एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
जांच में मिली करोड़ों के अवैध कारोबार की कड़ी
दोषसिद्धि के बाद पुलिस ने आरोपी की वित्तीय जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि आरोपी के नाम पर दर्ज संपत्तियां उसकी घोषित आय से कहीं अधिक थीं और इनके मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे जाने का संदेह था।
दो लग्जरी वाहन हुए सीज
कार्रवाई के तहत आरोपी के नाम पर दर्ज शेवरले क्रूज कार (5 लाख रुपये) और महिंद्रा थार (10 लाख रुपये) सहित कुल 15 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है।
अब नहीं बेच सकेगा या ट्रांसफर कर सकेगा संपत्ति
सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद इन वाहनों को बिना अनुमति बेचना, हस्तांतरित करना या किसी अन्य तरीके से उपयोग करना संभव नहीं होगा। वैध आय का स्रोत साबित नहीं होने पर संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है।
नशे के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी
रायपुर पुलिस ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।


















