
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वनपरिक्षेत्र के चारमार क्षेत्र में मालगाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुई एक हथनी की मंगलवार सुबह मौत हो गई। वन विभाग, पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने पूरी रात उसका उपचार किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात हथनी रेलवे ट्रैक पार कर रही थी। इसी दौरान वह अडानी कोल माइंस से संबंधित मालगाड़ी की चपेट में आ गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पूरी रात चला उपचार
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उपचार शुरू कराया गया। हथनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर ले जाने की तैयारी की जा रही थी। चार पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में पूरी रात इलाज चलता रहा।
वन अमला रहा मौके पर तैनात
वन मंडल अधिकारी के निर्देश पर उप वन मंडल अधिकारी आशुतोष पांडव, वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह सहित वन विभाग का अमला घटनास्थल पर मौजूद रहा। तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार सुबह हथनी ने दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में 40 से अधिक हाथियों का दल सक्रिय
वन विभाग के अनुसार, हादसे वाले क्षेत्र के आसपास 40 से अधिक हाथियों का झुंड सक्रिय है। स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से हाथियों के पास न जाने तथा भीड़ न लगाने की अपील की गई है।
वन्यजीव सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हथनी की मौत के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा और हाथी गलियारों में सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हाल के महीनों में रायगढ़ जिले में हाथियों और हाथी शावकों की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय
यह घटना वन विभाग, पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों के लिए चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।



















