बिलासपुर में गौ-माता पर कथित टिप्पणी के बाद बवाल, 50 से ज्यादा लोगों पर FIR

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बिलासपुर सोशल मीडिया पर गौ-माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद बिलासपुर में शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात हिंसक झड़प में बदल गया। खपरगंज, तेलीपारा रोड और 24 खोली इलाके में दोनों पक्षों के बीच पथराव और तोड़फोड़ हुई। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई है और 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत आवारा मवेशियों और गौ-माता को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से हुई। टिप्पणी को लेकर हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध शुरू किया।

विरोध के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने टिप्पणी का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने विवाद को व्यक्तिगत रंजिश से जोड़कर देखा।

पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

पुरानी रंजिश की कड़ी भी सामने आई

पुलिस और स्थानीय जानकारी के अनुसार, पूरे घटनाक्रम के पीछे आपसी रंजिश की पुरानी पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुंगेली निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू का कुछ युवकों से पहले विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस कार्रवाई भी हुई थी।

घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और पुराने विवाद को पुलिस मौजूदा तनाव की पृष्ठभूमि से जोड़कर भी जांच कर रही है।

पथराव और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

शुक्रवार रात विवाद बढ़ने के बाद खपरगंज से तेलीपारा रोड तक कई जगह पथराव और तोड़फोड़ हुई। सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 12 से अधिक बाइक और स्कूटर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

24 खोली इलाके में कुछ घरों पर भी पथराव किया गया, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। एक दुकान में आग लगाने की कोशिश की गई, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

पुलिस पर भी पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस

भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया। इस दौरान तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और अतिरिक्त बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

50 से ज्यादा नामजद, 12 से अधिक हिरासत में

घटना के बाद सिटी कोतवाली थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। FIR में 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। शनिवार रात तक दोनों पक्षों से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

पुलिस की अलग-अलग टीमें अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं।

CCTV और ड्रोन से हो रही पहचान

हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी, CCTV फुटेज और ड्रोन कैमरों से मिले रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, पुलिस का प्रयास है कि हिंसा में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद खपरगंज और आसपास के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। विशेष शाखा और एलआईबी की टीमें भी स्थिति पर नजर रख रही हैं।

एसएसपी के अनुसार, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करना है।

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