गंगरेल बांध से छोड़ा गया 4 हजार क्यूसेक पानी, महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट

0
156

बांधों में लगातार बढ़ रहा जलस्तर, गंगरेल 96 और मुरूमसिल्ली जलाशय 98 प्रतिशत से अधिक भरा; कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए

धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ती पानी की आवक के बीच गंगरेल बांध के दो गेटों से करीब 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। महानदी में पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क किया गया है। प्रशासन ने अधिकारियों और स्थानीय अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, 1 सितंबर की सुबह 8 बजे तक गंगरेल जलाशय में 96.17 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया। जलाशय में 4,342 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं मुरूमसिल्ली जलाशय 98.49 प्रतिशत, दुधावा 83.56 प्रतिशत और सोढ़ुर जलाशय 69.25 प्रतिशत भरा हुआ है।

आगामी बारिश की संभावना और जलाशयों में लगातार हो रही आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय से करीब 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज पहुंचने के बाद इसमें से करीब 2 हजार क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर और 2 हजार क्यूसेक महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है।

महानदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले पानी को पार नहीं करने को कहा है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। महानदी किनारे के गांवों में मुनादी और स्थानीय सूचना तंत्र के माध्यम से लोगों को जलस्तर की जानकारी देने को भी कहा गया है।

प्रशासन ने निचले और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के साथ राहत एवं बचाव दलों और जरूरी संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। ग्राम स्तर पर कोटवार, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अमले को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।

कलेक्टर ने लोगों से प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। किसी क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन या ग्राम पंचायत को सूचना देने को कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here