साउथ की फिल्मों के सेट पर देखने को मिलता है अनुशासन: पायल घोष

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अभिनेत्री पायल घोष ने साउथ इंडस्ट्री और बॉलीवुड की तुलना करते हुए अपनी बातें रखी। उन्होंने बताया कि बॉलीवुड की तुलना में साउथ इंडस्ट्री में प्रोफेशनल तरीके के साथ काम किया जाता है। अभिनेत्री ने कहा, मैंने साउथ और बॉलीवुड दोनों इंडस्ट्री में काम किया है और दोनों में मेरा काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा, जिसके लिए मैं बहुत आभारी हूं।

अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें साउथ इंडस्ट्री बॉलीवुड के मुकाबले थोड़ा ज्यादा प्रोफेशनल लगता है। साउथ इंडस्ट्री में लोगों को पता रहता है कि उन्हें क्या करना है और कमाल की बात यह है, जब वहां की फिल्में शूट होती है, तो उस दौरान सभी का व्यवहार एक दूसरे को लेकर समान देखने को मिलता है, चाहे वह मुख्य कलाकार हो या फिर कोई क्रू। इसी के साथ ही अगर शूट का समय सुबह 7 बजे है, तो मुख्य किरदार समेत सभी लोग समय से सेट पर पहुंच जाते हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण की फिल्मों के सेट पर अनुशासन होता है, लेकिन बॉलीवुड में अपने हिसाब से काम करने में विश्वास रखा जाता है। कई बार मैंने खुद देखा है कि बॉलीवुड में कहते कुछ हैं, और अंत में जो होता है वह बिल्कुल अलग होता है। जैसे कि अगर उन्होंने कहा है कि सुबह 7 बजे के बाद शूटिंग शुरू करेंगे, तो 11 बजे से पहले काम शुरू नहीं होता है।

 

दोनों इंडस्ट्री के बीच अंतर बताते हुए अभिनेत्री ने कहा, साउथ में सीन ज्यादा होते हैं। वह फिल्म की स्टोरी बोर्ड में जो तैयार करते हैं, उसे ही फॉलो करते हैं और इतना ही नहीं, वह प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन पर भी उसी प्रक्रिया को लागू करते हैं। दूसरी ओर, बॉलीवुड में कई बार जो योजना बनाई जाती है और जो लागू होता है, उन दोनों में जमीन आसमान का फर्क होता है।

कई बार शॉट्स ले लिए जाते हैं और उन्हें एडिटर के लिए छोड़ दिया जाता है, और रवैया यह होता है कि ‘एडिट में देख लेंगे। पायल ने अंत में बताया कि दोनों इंडस्ट्री के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं। हमें इन सब से ऊपर उठकर इस बात की खुशी मनानी चाहिए की दोनों इंडस्ट्री मिलकर अच्छी फिल्में बनाती हैं।

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