बस्तर में कृषि विस्तार पर जोर, जैविक खेती और नई फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में बस्तर क्षेत्र की कृषि को नई दिशा देने पर जोर दिया। बैठक में रबी और खरीफ फसलों के साथ-साथ मक्का, मिलेट्स, दलहन-तिलहन और मसाला फसलों के रकबा विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारु रूप से पूरी हो सकें।


बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

  • मक्का और मिलेट्स फसलों का विस्तार
  • दलहन-तिलहन और मसाला फसलों के रकबे में वृद्धि
  • किसानों को समय पर बीज, खाद और फसल ऋण उपलब्ध कराना

जैविक खेती और नई पहल पर जोर

कृषि उत्पादन आयुक्त ने बस्तर के अनुकूल वातावरण को देखते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही कॉफी और पाम जैसी वैकल्पिक फसलों की संभावनाओं को विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने उर्वरक के विकल्प के रूप में—

  • हरी खाद
  • नील-हरित काई
  • जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कृषि क्षेत्र में विविधता और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक बस्तर क्षेत्र में खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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