
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया है—भारत अब किसी भी हालत में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि देश अब उस पुरानी नीति से आगे बढ़ चुका है, जहां आतंकी हमलों के बाद सिर्फ कूटनीतिक बयान दिए जाते थे। अब भारत सीधे और ठोस जवाब देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
रक्षा मंत्री के प्रमुख संदेश
- आतंकवाद और उसके प्रायोजकों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा
- भारत अब निर्णायक और सख्त कार्रवाई की नीति पर आगे बढ़ रहा है
- पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया
नई विश्व व्यवस्था और सुरक्षा रणनीति
राजनाथ सिंह ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को और अधिक सतर्क रहना होगा। उन्होंने जोर दिया कि एक ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहां मतभेद विवाद में न बदलें और विवाद विनाश का कारण न बनें।
रक्षा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सेना का अहम हिस्सा
- छोटे शहरों के युवाओं को भी AI से जोड़ने पर जोर
- GPU क्षमता, डेटा लैब और फ्यूचर स्किल्स जैसे कार्यक्रमों पर काम
रक्षा निर्यात में बड़ी छलांग
- वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात: ₹38,424 करोड़
- पिछले वर्ष की तुलना में 62% से अधिक वृद्धि
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपनी सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि तकनीक और रक्षा उत्पादन में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति सख्त, स्पष्ट और निर्णायक है।
















