
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिर हालात को लेकर केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें देश की तैयारियों का आकलन किया गया। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए, जिनमें
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
- रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा
- पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी
- पत्तन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल
सहित अन्य केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे।
हर स्थिति के लिए तैयार रहने पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति
- अनिश्चित
- संवेदनशील
है, इसलिए भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है।
बड़ा फैसला: समुद्री बीमा पूल
बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए
- ‘भारत समुद्री बीमा पूल’ के गठन को मंजूरी दी गई
इससे जोखिम भरे समुद्री मार्गों पर भी भारतीय जहाजों और माल को किफायती बीमा मिल सकेगा।
ईंधन भंडार पर्याप्त
सरकार ने स्पष्ट किया कि
- कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक
- LNG लगभग 50 दिन
- LPG करीब 40 दिन तक उपलब्ध है
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस
बैठक में खाड़ी देशों सहित विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई।
राज्यों के साथ समन्वय
केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिलकर काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
यह बैठक वैश्विक संकट के बीच भारत की तैयारी, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














