
मुंबई अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपनी आगामी फिल्म भारत भाग्य विधाता के प्रमोशन के दौरान नर्सिंग पेशे की गरिमा और समाज में उसकी छवि को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग जैसे सम्मानजनक पेशे को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।
मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि आज भी नर्सों की यूनिफॉर्म काफी हद तक औपनिवेशिक दौर की प्रतीत होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि नर्सों की वर्दी को भारतीय परिवेश और उनकी सुविधा के अनुरूप नया स्वरूप दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फिल्मों और विज्ञापनों में नर्सिंग पेशे को कई बार गलत ढंग से दिखाया गया है, जिससे समाज में इसकी छवि प्रभावित हुई है। कंगना के अनुसार, इस पेशे की गरिमा और महत्व को सही रूप में सामने लाने की आवश्यकता है।
अपनी फिल्म भारत भाग्य विधाता के बारे में जानकारी देते हुए कंगना ने बताया कि यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान डॉक्टरों और नर्सों के साहस और सेवा भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की थी और कई गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी कराई थी।
कंगना ने यह भी कहा कि हमले के दौरान अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों ने आतंकवादी अजमल कसाब की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार, फिल्म उन अनसुने नायकों की कहानी दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है, जिनके योगदान को पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी।
वर्तमान पीढ़ी और सामाजिक सोच पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने कहा कि लोगों को समाज के जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों से सीख लेनी चाहिए, जो बिना किसी दिखावे के अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सादगी और सेवा भाव समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
फिल्म भारत भाग्य विधाता 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।



















