रायपुर । गौमाता की सेवा और संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय गौ क्रांति मंच के छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा 20 जुलाई को रायपुर स्थित बंजारी मंदिर गौशाला, गुरुकुल विद्यालय में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य के 11 ज़िलों में गौसेवकों की नियुक्ति की गई और संगठनात्मक विस्तार को धरातल पर उतारते हुए सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।


11 ज़िलों में बना मजबूत ढांचा
कार्यक्रम में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बेमेतरा, राजनांदगांव, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, कोरबा, महासमुंद और धमतरी ज़िलों में गौसेवकों और गौ रक्षकों की नियुक्ति की गई। इन सभी जिलों में संगठन की स्थानीय इकाइयों का निर्माण कर गौ सेवा अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
मंच पर रहे प्रमुख अतिथि
इस आयोजन में हरिभाई जोशी, मनमंत शर्मा, प्रेमशंकर गौतिया और गोपालजी सुलतानिया बतौर अतिथि शामिल हुए और उन्होंने गौ सेवा के महत्व और इसकी सामाजिक जिम्मेदारी पर विचार साझा किए।
संगठन का नेतृत्व
कार्यक्रम की अगुवाई प्रांत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल और प्रांत महामंत्री राजा पांडेय ने की। इनके साथ नामदेव राय (प्रांत महामंत्री), राकेश केसारवानी (प्रांत उपाध्यक्ष), अमरदीप शर्मा (गौ रक्षा संयोजक), प्रीतम साहू (गौ सेवा संयोजक), सत्येन्द्र सिंह परमार (प्रवक्ता) और नितेश तिवारी (मीडिया प्रभारी) की सक्रिय भूमिका रही।
जल्द आएगा शेष जिलों का अपडेट
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि शेष बचे जिलों में भी नियुक्तियाँ पूर्ण हो चुकी हैं, जिनकी औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
संकल्प: गौ सेवा को बनाएंगे जीवन मिशन
कार्यक्रम के समापन पर सभी पदाधिकारियों और नव-नियुक्त गौसेवकों ने यह संकल्प लिया कि वे गौमाता की सेवा और रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य मानकर निस्वार्थ भाव से सतत कार्य करेंगे।
इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ में गौ सेवा अभियान को नई ऊर्जा और संगठनात्मक धार प्रदान की है, जिसकी गूंज प्रदेश भर में सुनाई दे रही है।
