
रायपुर प्रगति कॉलेज, चौबे कॉलोनी रायपुर में भावी शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के कौशल एवं व्यवसायिक विकास को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीमती निवेदिता पांडा ने विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक और व्यावसायिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सौम्या नैयर ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान और व्यावसायिक कौशल के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें।

कार्यशाला के पहले दिन विद्यार्थियों को साधारण मग को आकर्षक आर्ट पीस में बदलने की तकनीक सिखाई गई। दूसरे दिन धातु और लकड़ी पर पारंपरिक मीनाकारी कला को आधुनिक तरीके से करने की जानकारी दी गई, जिसमें रंगों के उपयोग और डिजाइन उभारने की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
तीसरे दिन कस्टमाइज्ड नेम प्लेट बनाने की विधि बताई गई, जो वर्तमान में एक लोकप्रिय व्यावसायिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। प्रशिक्षिका ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि छोटी-छोटी कलाकृतियों के माध्यम से वे अपना स्वयं का स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंतिम दिन विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गुंजन शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती उपासना श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. सौम्या नैयर, शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. के.एन. गजपाल, एडमिनिस्ट्रेटर मिस ज्योति ठाकुर सहित समस्त प्राध्यापकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
























