जयपुर । राजस्थान सरकार महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत राज्य में अब तक 11 लाख 52 हजार गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करते हुए उनके खातों में 553 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान ने जनवरी में देश में पहला और फरवरी में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
कई योजनाओं से महिलाओं को सीधा लाभ
मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 26 मार्च तक 5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 172 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।
वहीं, लाडो प्रोत्साहन योजना में 6 लाख 53 हजार बालिकाओं को पहली किस्त का लाभ मिला है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 33,904 बेटी जन्मोत्सव आयोजित किए गए, जिसमें करीब 1.95 लाख बालिकाओं का जन्मोत्सव मनाया गया और 2.72 लाख पौधे लगाए गए।
सुरक्षा और परामर्श सेवाएं मजबूत
महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं के समाधान के लिए संचालित पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्रों के माध्यम से अब तक 5.48 लाख महिलाओं और छात्राओं को परामर्श सेवाएं दी जा चुकी हैं।
इसी तरह, राज्य के वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) पर अब तक 16,017 मामलों में महिलाओं को सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 230.96 करोड़ रुपये के 2,991 ऋण आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
इसके अलावा अमृता हाट के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को मंच प्रदान किया गया है।
सामूहिक विवाह योजना भी कारगर
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 7,471 लाभार्थियों को 20.42 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

























