
मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर रिषभ शेट्टी के काम की खुलकर सराहना की है। हाल ही में हुई एक मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर शेट्टी की फिल्मों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रभावशाली चित्रण की तारीफ की।
क्या बोले अमित शाह?
अमित शाह ने कहा कि
- ऋषभ शेट्टी के साथ सिनेमा और संस्कृति पर चर्चा बेहद रोचक रही
- उनकी फिल्मों में पारंपरिक कहानियों को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करने की कला है
- यह संवेदनशीलता दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ती है
क्यों खास है ऋषभ शेट्टी का काम?
Kantara जैसी फिल्मों के जरिए ऋषभ शेट्टी ने:
- लोककथाओं और परंपराओं को बड़े पर्दे पर जीवंत किया
- क्षेत्रीय संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई
- मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ाई
सिनेमा और संस्कृति का कनेक्शन
इस मुलाकात में यह भी चर्चा हुई कि:
- सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम है
- भारतीय कहानियां दुनिया भर में भारत की पहचान मजबूत कर सकती हैं
सरकार का दृष्टिकोण
अमित शाह के बयान से संकेत मिलता है कि सरकार:
- भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर ले जाने में सिनेमा की भूमिका को अहम मानती है
- ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करना चाहती है जो जड़ों से जुड़ी कहानियां दिखाएं
निष्कर्ष
ऋषभ शेट्टी जैसे फिल्मकार भारतीय सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर एक नया आयाम देते हैं। यही वजह है कि उनके काम को न सिर्फ दर्शकों बल्कि नीति-निर्माताओं से भी सराहना मिल रही है।



















