
रायपुर रायपुर रेंज पुलिस ने “ऑपरेशन निश्चय” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में संयुक्त नाकेबंदी कर पुलिस ने 378.060 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।
जब्त गांजा की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 89 लाख 3 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई में 12 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।




कपड़ा फेरीवालों के भेष में कर रहे थे तस्करी
पुलिस के अनुसार तस्करों ने गांजा तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी बाहर से कपड़ा फेरीवाले दिखाई देते थे, जबकि मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर विशेष लोहे का कम्पार्टमेंट बनाकर उसमें गांजा छिपाया जाता था।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी तस्कर एम्बुलेंस, केला परिवहन, मूवर्स एंड पैकर्स, ऑटो, बस और ट्रेन का उपयोग कर चुके हैं, लेकिन इस बार कपड़ों के ढेर के पीछे गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही थी।
ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा और रायगढ़ा क्षेत्र से लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की तैयारी थी।
महासमुंद में बड़ी कार्रवाई
महासमुंद पुलिस ने बसना थाना क्षेत्र में 5 मोटरसाइकिलों पर गांजा ले जा रहे आरोपियों को पकड़ा। एक अन्य मामले में भी 23 किलो गांजा बरामद किया गया।
कोमाखान पुलिस ने भी जांच नाके पर 9 किलो 60 ग्राम गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
धमतरी में भी पकड़ाया गिरोह
धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान 131 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया। यहां भी आरोपी कपड़ा विक्रेता बनकर मोटरसाइकिलों में विशेष कम्पार्टमेंट के जरिए गांजा तस्करी कर रहे थे।
जब्त सामग्री
पुलिस ने कार्रवाई में:
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378.060 किलो गांजा
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11 वाहन
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मोबाइल फोन
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नगदी
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लोहे के विशेष जाले जब्त किए हैं।
कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 98 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस की सतर्कता से विफल हुई तस्करी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी, सटीक सूचना और लगातार नाकेबंदी के कारण इस नए तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश संभव हो सका।
मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।



















