
महासमुंद। पशुधन विकास विभाग की ओर से सोमवार को जिला पशु चिकित्सालय महासमुंद में निःशुल्क रेबीज टीकाकरण शिविर लगाया गया। शिविर में 27 पशुपालकों ने अपने पशुओं का टीकाकरण कराया। इस दौरान पशुपालकों को रेबीज के संक्रमण, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
रेबीज से बचाव को लेकर दी गई जानकारी
शिविर के साथ ‘रेबीज से बचाव ही सुरक्षा है’ विषय पर जागरूकता संगोष्ठी भी हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमित पशु के काटने या उसकी लार के संपर्क में आने से रेबीज फैल सकता है।
कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोने और बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत पर जोर दिया गया।
मिथकों और भ्रांतियों पर भी हुई चर्चा
संगोष्ठी में रेबीज से जुड़े कई मिथकों और भ्रांतियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेबीज गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी, उचित उपचार और पशुओं के नियमित टीकाकरण से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
पशुपालकों से पालतू कुत्तों और बिल्लियों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील भी की गई।
स्कूली विद्यार्थियों को भी किया जागरूक
इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेमचा में विद्यार्थियों के लिए रेबीज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रों को बीमारी के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण और बचाव के उपाय बताए गए।
विद्यार्थियों से अपने पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण कराने और रेबीज से जुड़ी किसी भी संदिग्ध घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्वास्थ्य या पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से संपर्क करने की अपील की गई।

















