खैरागढ़ । खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 13 साल की एक किशोरी ने अपने ही रिश्ते के दो मासूम भाई-बहनों को कुएं में धकेलकर मौत के घाट उतार दिया। वजह सुनकर हर कोई सन्न है, चार साल के बच्चे ने उसे मज़ाक में “चोरनी” कह दिया था, लेकिन उस मासूमियत पर किशोरी का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि उसने दो जिंदगियां खत्म कर दीं।
यह घटना छुईखदान थाना क्षेत्र के झूरानदी गांव की है। मृतक करण वर्मा (4 वर्ष) और उसकी बहन राधिका उर्फ वैशाली (2 वर्ष), कृषक गजानंद वर्मा और मनीषा वर्मा के बच्चे थे। रविवार दोपहर दोनों घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

कुछ ही देर बाद गांव के पास बने एक पुराने कुएं में संदिग्ध वस्तुएं दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को बताया। कुएं से जब दोनों बच्चों के शव निकाले गए, तो वहां चीख-पुकार मच गई। बच्चों के मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। मासूमों के शव देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और माता-पिता बेसुध हो गए।
12 घंटे में खुला दोहरे हत्याकांड का राज
पुलिस ने हत्या की दिशा में जांच शुरू की और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद शक की सुई 13 वर्षीय रिश्तेदार लड़की पर जाकर टिक गई। मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ में नाबालिग ने कबूल किया कि उसके रिश्ते के भाई करण ने उसे “चोरनी” (चोट्टी) कहकर चिढ़ाया था। गुस्से में आकर उसने करण और उसकी बहन राधिका के मुंह पर कपड़ा बांधा और दोनों को बाड़ी के कुएं में धकेल दिया।
पुलिस ने 12 घंटे के भीतर इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया गया है।
गांव में मातम और सन्नाटा
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि किशोर उम्र की एक बच्ची इतना खौफनाक कदम उठा सकती है। लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं: क्या एक मासूम शब्द के जवाब में इतनी निर्ममता हो सकती है?
























