नई दिल्ली । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर के अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
योगी सरकार ने दिए सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह उच्चस्तरीय बैठक कर सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
लखनऊ में तीन दिन का शोक
लखनऊ में शिया समुदाय ने खामेनेई की याद में तीन दिन का शोक मनाने की घोषणा की है। प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने सभी लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है।
रविवार रात 8 बजे छोटा इमामबाड़ा में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। देशभर के शिया समुदाय से एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करने की अपील की गई है।
कश्मीर में भी प्रदर्शन
कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में भी सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारे लगाए, ईरान के समर्थन में बैनर और तस्वीरें प्रदर्शित कीं तथा काले झंडों के साथ शोक जुलूस निकाले। पारंपरिक नौहा भी पढ़े गए।
ईरानी दूतावास की वैश्विक अपील
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने बयान जारी कर अमेरिकी-इस्राइली हमले की कड़ी निंदा करने और “खामोश न रहने” की अपील की है। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस कार्रवाई की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बदले की चेतावनी दी है और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है।
हालात को देखते हुए देश के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
























