केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC को 27% आरक्षण: लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी

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केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC को 27% आरक्षण: लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC को 27% आरक्षण: लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण व्यवस्था को लेकर लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान OBC वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाता है। यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सरकार के इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की आरक्षण नीति पहले की तरह ही लागू है और OBC वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान जारी है। मंत्री ने बताया कि यह आरक्षण नीति कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training – DoPT) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू की जाती है।

केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC को 27% आरक्षण: लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC को 27% आरक्षण: लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी

उन्होंने कहा कि सरकार के पास 8 सितंबर 1993 को जारी किए गए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के आधार पर आरक्षण नीति लागू है। इसके अलावा समय-समय पर जारी अन्य निर्देशों के माध्यम से भी इस नीति को अद्यतन किया जाता रहा है। इस नीति के अनुसार केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान कुल रिक्तियों में से 27 प्रतिशत पद सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों यानी OBC के लिए आरक्षित होते हैं।

OBC आरक्षण की नीति और इसका उद्देश्य ?

भारत में आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करना है। लंबे समय तक समाज में पिछड़े रहे वर्गों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में अवसर देने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई थी। OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण इसी नीति का हिस्सा है। 1990 के दशक में मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने OBC वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया था। इसके बाद 8 सितंबर 1993 को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया। तब से लेकर अब तक यह नीति लागू है और सरकार समय-समय पर इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करती रही है। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य केवल आरक्षण देना ही नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को मजबूत करना भी है। इससे पिछड़े वर्गों के युवाओं को सरकारी सेवाओं में आने का मौका मिलता है और प्रशासनिक ढांचे में विविधता भी बढ़ती है।

भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का क्रियान्वयन ?

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में जब भी सीधी भर्ती की प्रक्रिया होती है, तो उसमें आरक्षण के नियमों का पालन किया जाता है। भर्ती एजेंसियां जैसे कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) भी इन नियमों के अनुसार ही भर्ती प्रक्रिया संचालित करती हैं।

सरकार ने लोकसभा में यह भी स्पष्ट किया कि आरक्षण नीति को लागू करने की जिम्मेदारी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की है। यह विभाग समय-समय पर सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों को दिशा-निर्देश जारी करता है ताकि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का सही तरीके से पालन हो सके। इसके साथ ही OBC वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ तभी मिलता है जब वे सरकार द्वारा निर्धारित क्रीमी लेयर की शर्तों को पूरा करते हों। क्रीमी लेयर से बाहर आने वाले OBC उम्मीदवारों को ही आरक्षण का लाभ दिया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण व्यवस्था ने देश में सामाजिक संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि समय-समय पर इसके स्वरूप और प्रभाव को लेकर बहस भी होती रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए यह नीति जारी रहेगी।

लोकसभा में दिए गए इस जवाब से यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार की नौकरियों में OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था अभी भी लागू है और इसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इससे लाखों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलने की उम्मीद बनी रहती है और सामाजिक न्याय की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।

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