
दुर्ग आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले में हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉकड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास केंद्रीय विद्यालय के पास स्थित डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट कैंपस में किया गया, जिसमें नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स और होमगार्ड के जवानों ने भाग लिया।
मॉकड्रिल के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मॉकड्रिल में क्या सिखाया गया
- एयर रेड सायरन बजते ही त्वरित प्रतिक्रिया देना
- अंधेरे (ब्लैकआउट) में संचार व्यवस्था बनाए रखना
- सुरक्षित आश्रय स्थलों का प्रबंधन
- आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देना
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता को मजबूत करना था। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉकड्रिल से सुरक्षा बलों और स्वयंसेवकों की तैयारी का आकलन भी किया जाता है।
कुल मिलाकर, यह अभ्यास संभावित संकटों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आपदा के समय जन-धन की हानि को कम किया जा सके।



















