
रायपुर गर्मी की शुरुआत के साथ ही राजधानी में पेयजल संकट ने चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल माह में ही कई इलाकों में नलों का पानी बंद हो गया है और लोग टैंकरों पर निर्भर होने लगे हैं। स्थिति यह है कि कुछ क्षेत्रों में पिछले तीन से चार दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है।
आम तौर पर शहर में पानी की किल्लत मई-जून में ज्यादा देखने को मिलती है, जब भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है। लेकिन इस बार अप्रैल में ही हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्थिति की मुख्य बातें
- कई इलाकों में नल सूखे, नियमित जलापूर्ति बाधित
- टैंकरों की मांग अचानक बढ़ी
- लोगों को पानी के लिए इंतजार और परेशानी
सरकार द्वारा ‘हर घर जल’ जैसी योजनाओं के तहत सभी घरों तक पानी पहुंचाने के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आ रही है। जिन घरों में नल कनेक्शन हैं, वहां भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या यह वास्तविक संकट है या फिर प्रबंधन में कमी के कारण हालात बिगड़े हैं। कुछ लोगों के बीच टैंकर व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि जब अप्रैल में ही यह स्थिति है, तो मई-जून की भीषण गर्मी में हालात और कठिन हो सकते हैं।


















