दुनिया में अक्सर यह माना जाता है कि बिजनेस शुरू करने या बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए युवा होना जरूरी है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर देते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है लक्ष्मण मित्तल की, जिन्होंने 66 साल की उम्र में अपना बिजनेस शुरू किया और आज एक 21,000 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी।
शुरुआती जीवन और करियर ?
पंजाब के होशियारपुर में जन्मे लक्ष्मण मित्तल का जीवन शुरुआत से ही सामान्य रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नौकरी से की और लंबे समय तक काम करते रहे। साल 1990 में उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में एजेंट के रूप में कार्य करते हुए रिटायरमेंट लिया। आमतौर पर लोग इस उम्र में आराम की जिंदगी जीने का फैसला करते हैं, लेकिन मित्तल की सोच अलग थी।

रिटायरमेंट के बाद करीब 6 साल तक उन्होंने कोई बड़ा काम नहीं किया। यह समय उनके लिए सोचने और जीवन के अगले कदम तय करने का था। लेकिन उनके अंदर कुछ नया करने की चाह हमेशा बनी रही।
66 की उम्र में लिया बड़ा फैसला ?
जब ज्यादातर लोग जीवन के अंतिम पड़ाव में आराम करने लगते हैं, उस समय लक्ष्मण मित्तल ने 1996 में एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी किस्मत ही बदल दी। उन्होंने Sonalika Tractors के नाम से ट्रैक्टर निर्माण कंपनी की शुरुआत की। यह कदम आसान नहीं था। उस समय भारतीय बाजार में पहले से कई बड़े खिलाड़ी मौजूद थे। लेकिन मित्तल ने अपने अनुभव, समझ और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर इस चुनौती को स्वीकार किया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर ?
शुरुआती दौर में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन लक्ष्मण मित्तल ने हार नहीं मानी। उन्होंने किसानों की जरूरतों को समझते हुए ऐसे ट्रैक्टर बनाए, जो किफायती होने के साथ-साथ मजबूत और टिकाऊ भी थे। धीरे-धीरे सोनालिका ट्रैक्टर्स ने भारतीय बाजार में अपनी पहचान बना ली। कंपनी ने न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पकड़ मजबूत की। आज यह कंपनी 140 से अधिक देशों में अपने उत्पाद बेच रही है और इसके लाखों ग्राहक हैं।
भारत की बड़ी ट्रैक्टर कंपनियों में शामिल ?
आज Sonalika Tractors भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी बन चुकी है। कंपनी की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी नेटवर्थ लगभग 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 21,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। लक्ष्मण मित्तल का यह सफर साबित करता है कि सही सोच और मेहनत के साथ किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
उम्र नहीं, सोच मायने रखती है ?
आज जब लोग 50-60 की उम्र में रिटायरमेंट के बाद खुद को सीमित कर लेते हैं, तब लक्ष्मण मित्तल की कहानी एक नई प्रेरणा देती है। उन्होंने यह दिखाया कि अगर आपके अंदर कुछ करने का जुनून है, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है।
उनकी कहानी यह भी सिखाती है कि जीवन में कभी भी नई शुरुआत करने से डरना नहीं चाहिए। सही दिशा, मेहनत और धैर्य के साथ कोई भी इंसान अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।
केशव महिंद्रा को पीछे छोड़ा ?
भारत में लंबे समय तक सबसे उम्रदराज उद्योगपति के रूप में केशव महिंद्रा का नाम लिया जाता था। लेकिन लक्ष्मण मित्तल ने अपने बिजनेस और सफलता के दम पर इस पहचान को भी पीछे छोड़ दिया। लक्ष्मण मित्तल की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो यह सोचता है कि अब बहुत देर हो चुकी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सही समय वही होता है, जब आप शुरुआत करते हैं।
अगर आपके अंदर कुछ नया करने का जज्बा है, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बन सकती। लक्ष्मण मित्तल ने 66 साल की उम्र में जो कर दिखाया, वह आज लाखों लोगों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
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