
नई दिल्ली। देश की संसदीय राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सात नेताओं के नाम अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसदों की सूची में शामिल कर लिए गए हैं। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी ताजा ‘पार्टी पोजीशन’ दस्तावेज में यह परिवर्तन दर्ज किया गया है।
इन सात नेताओं में राघव चड्ढा, डॉ. अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इनके भाजपा में शामिल होने से उच्च सदन में पार्टी की ताकत और मजबूत हुई है।
सदन की बदली तस्वीर
- भाजपा के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हुई
- आम आदमी पार्टी की संख्या घटकर 10 से 3 रह गई
- कांग्रेस 29 सांसदों के साथ दूसरे स्थान पर
अन्य दलों की स्थिति भी सामने आई है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के 13, डीएमके के 8, वाईएसआर कांग्रेस के 7 और बीजद के 6 सदस्य शामिल हैं। वहीं कई क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय सांसदों की भी सीमित उपस्थिति बनी हुई है।
यह बदलाव सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ा झटका है, जबकि भाजपा के लिए उच्च सदन में यह मजबूती का संकेत है।
राज्यसभा की नई सूची यह स्पष्ट करती है कि संसद में शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है, जिसका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और विधायी प्रक्रियाओं पर भी देखने को मिल सकता है।
















