
बेमेतरा डिजिटल कृषि की दिशा में बेमेतरा जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत अब तक 1.70 लाख किसानों का पंजीयन कर उनकी यूनिक किसान आईडी तैयार की जा चुकी है।
यह पहल किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन के अनुसार, जिले में यह कार्य तेजी से और प्रभावी तरीके से पूरा किया गया, जिससे बेमेतरा राज्य में शीर्ष पर पहुंच गया।
क्यों जरूरी है एग्रीस्टैक आईडी
- धान उपार्जन (खरीदी) के लिए अनिवार्य
- खाद वितरण पोर्टल से खाद प्राप्त करने हेतु जरूरी
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की किस्त के लिए आवश्यक
जिले में पीएम किसान योजना के अंतर्गत 92.21% लाभार्थियों का पंजीयन पूरा हो चुका है, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है।
हालांकि, कुछ कारणों से अभी भी कुछ किसानों का पंजीयन बाकी है—
- संयुक्त खातों के कारण 1301 मामलों में देरी
- मोबाइल या संपर्क के अभाव से करीब 4195 किसान अभी जुड़ नहीं पाए
प्रशासन ने शेष किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नजदीकी चॉइस सेंटर या सहकारी समितियों में जाकर पंजीयन पूरा कराएं, ताकि किसी भी योजना का लाभ लेने में बाधा न आए।
कुल मिलाकर, एग्रीस्टैक के जरिए बेमेतरा में कृषि क्षेत्र डिजिटल बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलना संभव हो सकेगा।



















