
रायपुर राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान में ‘‘विज्ञान आधारित पोषक तत्व प्रबंधन’’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाकर टिकाऊ और संतुलित खेती को बढ़ावा देना है।
यह कार्यक्रम ‘किसान फर्स्ट’ पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक अनुसंधान और खेतों में उसके वास्तविक उपयोग के बीच की दूरी कम करने पर जोर दिया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
- किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए तैयार करना
- मृदा स्वास्थ्य के आधार पर उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना
- टिकाऊ कृषि विकास को सुनिश्चित करना
संतुलित उर्वरक उपयोग पर फोकस
विशेषज्ञों ने कहा कि—
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही खाद का उपयोग किया जाए
- यूरिया और डीएपी का अत्यधिक उपयोग कम किया जाए
- जैव उर्वरक और वैकल्पिक पोषक तत्वों को अपनाया जाए
किसानों के लिए क्यों जरूरी
अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से—
- फसल उत्पादन बेहतर होता है
- मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है
- लागत में भी कमी आती है
इस अभियान के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।



















