
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत को राहत, होर्मुज पार कर सुरक्षित पहुंचे LPG टैंकर; सरकार बोली- ईंधन की कोई कमी नहीं
नई दिल्ली – पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत को एलपीजी आपूर्ति लेकर आ रहे दो बड़े गैस टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और जल्द भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने वाले हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है तथा सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला एलपीजी पोत “एसवाईएमआई” 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 13 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और इसके 16 मई तक कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा वियतनाम के ध्वज वाला “एनवी सनशाइन” नामक एलपीजी पोत भी 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 14 मई को सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पार कर चुका है। यह पोत 18 मई तक न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंच सकता है। दोनों जहाज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) से जुड़े बताए गए हैं।
सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की वैश्विक सप्लाई पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन भारत ने समय रहते पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति प्रबंधन के कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देशभर में किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि सभी तेल रिफाइनरियां अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्च से अब तक लाखों नए उपभोक्ता PNG नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि हजारों लोगों ने स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पूरी तरह PNG अपनाया है।
सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य तरीके से ईंधन उपयोग जारी रखने की अपील की है।
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