सीधी में आत्मा गवर्निंग बोर्ड की पहली बैठक, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

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सीधी सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) की नवगठित जिला स्तरीय गवर्निंग बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को किसान कल्याण वर्ष 2026 और प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को ध्यान में रखते हुए जिले के लिए नवाचार आधारित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

खेती में विविधीकरण पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। किसानों की आय बढ़ाने के लिए:

  • सब्जी उत्पादन
  • फल उत्पादन
  • दुग्ध उत्पादन
  • मछली पालन
  • पशुपालन
  • खाद्य प्रसंस्करण

जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इससे किसानों के लिए आय के नए स्रोत विकसित होंगे और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी।

गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने पर फोकस

कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों की उपज को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने के लिए:

  • उत्पाद की गुणवत्ता
  • पैकेजिंग
  • ब्रांडिंग
  • बाजार उपलब्धता

पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को किसानों की उपज को बड़े बाजारों से जोड़ने की ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।

आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने के निर्देश

बैठक में कहा गया कि खेती केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका का मजबूत आधार है। इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।

प्रशिक्षण में उत्साही किसानों को प्राथमिकता

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ऐसे किसानों को प्राथमिकता दी जाए जो:

  • नई तकनीक सीखना चाहते हों
  • नवाचार के प्रति उत्साहित हों
  • कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हों

साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियों को अन्य किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे प्रेरणा बन सकें।

महिला और छोटे किसानों पर विशेष ध्यान

बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों को योजनाओं के केंद्र में रखने तथा महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि योजनाओं की जानकारी स्थानीय बोली में प्रचारित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

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