
रायपुर जैन समाज द्वारा 28 मई को जीवदया दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विश्वभर में पशुओं पर हो रही हिंसा के विरोध में अहिंसा, करुणा और दया का संदेश देते हुए नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा।
सीमंधर स्वामी जैन मंदिर एवं दादाबाड़ी ट्रस्ट, भैरव सोसायटी के अध्यक्ष संतोष बैद और महासचिव महेंद्र कोचर ने बताया कि जैन धर्म के सभी तीर्थंकरों ने “अहिंसा परमो धर्म” का संदेश दिया है। भगवान महावीर स्वामी ने “जियो और जीने दो” का सिद्धांत देकर पूरी दुनिया को शांति और करुणा का मार्ग दिखाया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
विश्व शांति और जीवों के प्रति दया का संदेश
आयोजकों के अनुसार, जीवदया दिवस पर सभी श्रद्धालु पशु-पक्षियों और समस्त जीवों के प्रति दया, करुणा और अभयदान की भावना के साथ 7 बार नवकार महामंत्र का जाप करेंगे।
महेंद्र कोचर ने कहा कि नवकार महामंत्र को समस्त विपत्तियों से रक्षा करने वाला मंत्र माना जाता है। उन्होंने सकल जैन समाज से अपील की कि वे सभी जीवों के कल्याण और विश्व शांति की भावना से इस जाप में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती हिंसा और पशुओं के प्रति क्रूरता को देखते हुए अहिंसा और दया का संदेश समाज तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।



















