जीपीएम पुलिस को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन

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कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को साक्ष्य संकलन और संरक्षण का दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर। जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस को अपराध जांच के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है। करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार इस हाईटेक वैन को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है।

पेंड्रारोड सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जेएमएफसी सीमा जगदल्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच
इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन के जरिए अब अपराध स्थलों पर तुरंत वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों को फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपल, रक्त के धब्बे, बाल, फाइबर और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया।

आधुनिक उपकरणों से लैस वैन
वैन में हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और प्रारंभिक वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक हत्या, लूट, डकैती, चोरी, सड़क दुर्घटना और साइबर अपराध जैसे मामलों की जांच में यह वैन बेहद उपयोगी साबित होगी।

साक्ष्य संरक्षण पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान पुलिस कर्मियों को साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण, पैकेजिंग और दस्तावेजीकरण की जानकारी दी गई, ताकि न्यायालय में उनकी वैधानिकता बनी रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य अपराध की जांच में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।

पुलिसिंग होगी और प्रभावी
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को आधुनिक और पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, पेंड्रा अध्यक्ष राकेश जलन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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