
झाबुआ जिले में बाल विवाह की रोकथाम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण मिशन शक्ति के तहत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत यूनिसेफ और ममता संस्था के तकनीकी सहयोग से आयोजित हुआ।
कार्यशाला में करीब 200 पटवारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर, जिन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नामित किया गया है, ने भाग लिया। प्रशिक्षण में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणाम, अधिकारियों के अधिकार एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित और कानूनी कार्रवाई कैसे की जाए तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक निदेशक वर्षा चौहान ने सभी अधिकारियों को बाल विवाह रोकने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।



















