
एम.कॉम. और एम.एससी. पाठ्यक्रम शुरू करने समेत मूलभूत सुविधाओं और वित्तीय जांच की उठाई मांग
रायपुर एनएसयूआई रायपुर ग्रामीण के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय में एम.कॉम. और एम.एससी. की स्नातकोत्तर (PG) कक्षाएं जल्द शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही छात्रहित से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक और आधारभूत मुद्दों के समाधान की भी मांग उठाई गई।
ग्रामीण छात्रों को हो रही परेशानी
ज्ञापन में एनएसयूआई ने कहा कि महाविद्यालय में पीजी कक्षाएं संचालित नहीं होने के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
संगठन ने महाविद्यालय में पत्रिका, साइकिल स्टैंड, वाचनालय और प्रयोगशाला जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही जनभागीदारी और एनएसएस मद की राशि के उपयोग की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई।
प्राचार्य की कार्यप्रणाली की जांच की मांग
एनएसयूआई ने छात्रों से असाइनमेंट के नाम पर कराए जा रहे कथित अनुचित कार्यों पर रोक लगाने तथा महाविद्यालय के प्राचार्य की कार्यप्रणाली और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
आंदोलन की दी चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि छात्रहित से जुड़ी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बिरगांव ब्लॉक अध्यक्ष रितिक देवांगन, प्रदेश सचिव विकाश राजपूत, कृणाल सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष मुंसद अली, प्रदेश प्रवक्ता शाहिद खान, ग्रामीण विधानसभा अध्यक्ष अजय बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।















