

नई दिल्ली उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित भेदभाव रोकने के लिए UGC द्वारा बनाए गए नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें अभी तक UGC के जवाब की प्रति नहीं मिली है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने UGC को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने और उसकी प्रति याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
कोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि UGC के नए नियम भेदभावपूर्ण हैं और सामान्य वर्ग के लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं।
इस मामले में मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों के अमल पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उस समय नियमों की भाषा को स्पष्ट नहीं बताते हुए इनके दुरुपयोग की आशंका जताई थी। साथ ही, सरकार को नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए नई समिति गठित करने का सुझाव दिया था।












