
कोरिया जिले में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों और राहत-बचाव दल की क्षमता परखने के लिए झुमका जलाशय क्षेत्र में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान अंडरग्राउंड माइन से तीन और जलाशय से तीन लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्रदर्शन किया गया।
अंडरग्राउंड माइन से तीन कर्मियों का रेस्क्यू
मॉकड्रिल में चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में तीन कर्मियों के फंसे होने का परिदृश्य बनाया गया। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
अंधेरे और बारिश के बावजूद टीम ने प्रेम कुमार, फीटर अरविंद और जयकरन खलासी को सुरक्षित बाहर निकाला।
एक कर्मी की हालत गंभीर होने का भी अभ्यास किया गया। उसे मौके पर प्राथमिक उपचार और CPR दिया गया तथा एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
झुमका जलाशय में तीन लोगों का सफल रेस्क्यू
अभ्यास के दूसरे चरण में झुमका जलाशय में तीन लोगों के डूबने की सूचना का परिदृश्य बनाया गया। फायर एवं आपदा प्रबंधन टीम ने मोटर बोट और बचाव उपकरणों की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाने और तत्काल प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों को दी सुरक्षा की जानकारी
मॉकड्रिल के दौरान लोगों को बताया गया कि बाढ़ या तेज बहाव की स्थिति में घबराने के बजाय ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने पर बचाव के तरीके और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखने जैसी जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
विभागों के बीच समन्वय की भी हुई जांच
अभ्यास के जरिए यह भी परखा गया कि आपदा की सूचना मिलने के बाद विभिन्न विभाग कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर सकते हैं।
होमगार्ड जवानों, फायर कर्मियों, मोटर बोट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
कलेक्टर ने लिया जायजा
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने मॉकड्रिल का निरीक्षण कर राहत-बचाव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से मॉकड्रिल से सीख लेकर आपदा के समय उसका उपयोग करने की अपील की।
इस दौरान जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड, एसईसीएल, स्वास्थ्य विभाग, एनसीसी, स्काउट और रेस्क्यू टीम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



















