
सारंगढ़-बिलाईगढ़ भटगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब और गांजे की कथित बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद यदि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, तो यह पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
युवाओं और छात्रों तक नशे की पहुंच की आशंका
क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और गांजे की तस्करी को लेकर लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। सबसे बड़ी चिंता युवाओं और छात्रों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो इनके स्रोत, सप्लाई चैन और बिक्री में शामिल लोगों तक कार्रवाई क्यों नहीं पहुंच रही।
सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की जरूरत
अवैध शराब और गांजे के खिलाफ कार्रवाई के दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र में कारोबार जारी रहने की शिकायतों के बीच पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच और उसके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध शराब के ठिकानों, गांजा तस्करी के संभावित मार्गों और बिक्री केंद्रों की पहचान करें।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी की मांग
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ केवल छोटे स्तर की कार्रवाई के बजाय बड़े नेटवर्क और सप्लायरों तक पहुंचना जरूरी है।
एसपी ने कहा—बड़े स्तर पर होगी कार्रवाई
मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भटगांव थाना प्रभारी को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसपी के अनुसार, एक शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस के निर्देश के बाद **भटगांव क्षेत्र में अवैध शराब और गांजे के कथित कारोबार के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है और क्या जांच एजेंसियां सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच पाती हैं।**


















