
“इंजीनियरिंग केवल डिग्री नहीं, प्रकृति की चुनौतियों के बीच अद्वितीय समाधान खोजने की कला है”
— प्रोफेसर डॉ. एम. आर. खान प्राचार्य, छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर
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CGIT, रायपुर में पंद्रह दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का भव्य और उल्लासपूर्ण समापन
रायपुर: छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित पंद्रह दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का आज अत्यंत उल्लासपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के अंतिम दिवस की शुरुआत संस्थान के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. एम. आर. खान का बेसिक साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. श्वेता चौबे द्वारा पौधा देकर स्वागत के साथ हुआ ।
प्रथम सत्र: प्राचार्य का प्रेरणादायक इंटरैक्टिव सेशन
दिन के पहले सत्र में प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान का नवप्रवेशित छात्रों के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया।
इस सत्र में उन्होंने इंजीनियरिंग के आधार को मज़बूत बनाते हुए सफलता के शिखर तक की यात्रा को कैसे तय करना है, उन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को बेहद बारीकी से रेखांकित किया। प्राचार्य जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि एक इंजीनियर के रूप में विश्लेषणात्मक क्षमता (Analytical Ability) होना कितना महत्वपूर्ण है और छात्रों को एक सच्चे इंजीनियर की तरह सोचना और समस्याओं का समाधान खोजना सिखाया।
उन्होंने कहा कि प्रकृति हमेशा चुनौतियां पेश करती है और उसी के अनुसार विकसित होती है, इसलिए एक इंजीनियर के रूप में हमारे लिए भी लगातार विकसित होना आवश्यक है। बुनियादी सिद्धांतों को लागू करना, गणितीय सहसंबंध खोजना और एक अद्वितीय समाधान प्रदान करना ही एक अच्छे इंजीनियर का प्रमुख गुण है। इसके साथ ही, उन्होंने पारस्परिकता के नियम का पालन करते हुए एक बेहतर इंसान बनने का भी संदेश दिया।
समापन सत्र में विभागाध्यक्षों का आतिथ्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
अंतिम दिवस के दूसरे सत्र(समापन सत्र) में संस्थान के प्रोफेसर डॉ. एम. आर. खान, प्राचार्य, CGIT, Raipur बेसिक साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष और इंडक्शन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर डॉ. श्वेता चौबे एवम सभी विभागों के विभागाध्यक्षों—प्रोफेसर डॉ. आर. एस. परिहार (विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग) प्रोफेसर डॉ. अजय गर्ग (विभागाध्यक्ष, सिविल विभाग), प्रोफेसर डॉ. अजय त्रिपाठी (विभागाध्यक्ष, मेकैनिकल विभाग), डॉ. एस. डी. दीवान (परीक्षा प्रभारी), श्रीमती सुमन दास (विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलिकम्युनिकेशन विभाग) और श्री रवि कुमार (विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग)— का आतिथ्य सत्कार पौधे भेंट कर किया गया।
अतिथियों के स्वागत के पश्चात, इंडक्शन कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पिछले पंद्रह दिनों के अनुभवों और सीख को उनके नए शैक्षणिक सफर से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य केवल संस्थान से परिचित कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की नई दृष्टि, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति स्पष्ट सोच विकसित करना है। उन्होंने कहा कि हर नई चुनौती को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करें और प्रश्न पूछने, प्रयोग करने तथा अपनी सोच को नए आयाम देने से कभी पीछे न हटें।
डॉ. चौबे ने विद्यार्थियों से कहा कि कॉलेज जीवन में प्राप्त अवसरों का अधिकतम उपयोग ही उनके भविष्य की दिशा तय करेगा। अनुशासन आपको स्थिरता देगा, निरंतर प्रयास आपको दक्ष बनाएगा और नए विचार आपको अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि अब यह संस्थान केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि उनके सपनों, विचारों और संभावनाओं को आकार देने वाला एक साझा परिवार है।
समारोह के दौरान, विभिन्न नवप्रवेशित विद्यार्थियों द्वारा शानदार समूह नृत्य, और मनमोहक गीत प्रस्तुत किए गए।
सम्मान और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अगले चरण में प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान, प्रोफेसर डॉ. श्वेता चौबे द्वारा इस इंडक्शन कार्यक्रम में सक्रिय योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों (Volunteers) और संकाय सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक प्रोफेसर शशिबाला किंडो द्वारा छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर के नवप्रवेशित छात्रों के लिए इस पंद्रह दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपार सहयोग देने वाले सभी छात्रों, सदस्यों, संकायों, स्वयंसेवकों, मुख्य वक्ताओं और कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

डॉ. श्वेता चौबे, कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर ने मीडिया को जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह भव्य आयोजन डॉ. रचना रस्तोगी, डॉ. विनीत शुक्ला, डॉ. गणेश राम बंजारे, डॉ. रानी पुष्पा बघेल, डॉ. आर. एन. देवांगन, श्री नोहर धीवर, श्री प्रशांत साहू, श्री आशीष सिंह ठाकुर आदि की गरिमामयी उपस्थिति, सतत सहयोग, और समर्पण से सफलतापर्वक संपन्न हुआ।






















