बाल विवाह रोककर प्रशासन ने बचाया नाबालिग का भविष्य

0
204

सुकमा जिले के तोंगपाल क्षेत्र में प्रशासन की तत्परता से 16 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवा दिया गया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसे विवाह से बचाया।

सूचना मिलते ही पहुंची संयुक्त टीम

मासापारा कावराकोपा क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।

टीम ने दोनों पक्षों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। समझाइश के बाद युवक पक्ष ने विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई।

बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया

जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय बालिका को विवाह के उद्देश्य से युवक अपने साथ लेकर आया था। प्रशासनिक टीम ने बालिका की सुरक्षा और उसके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए उसे उसके गृहग्राम पहुंचाया।

वहां परिजन नहीं मिलने पर बालिका को सुकमा लाकर सखी सेंटर में सुरक्षित आश्रय दिया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने तक उसे वहीं रखा गया है।

कार्रवाई के दौरान घोषणा-पत्र लिया गया और पंचनामा तैयार किया गया। संबंधित पक्षों को बाल विवाह करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई से भी अवगत कराया गया।

बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड लाइन परियोजना समन्वयक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम सचिव और रोजगार सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

**प्रशासन की इस कार्रवाई से नाबालिग बालिका को बाल विवाह से बचाने के साथ उसके सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।**

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here